माँ अन्नपूर्णा, माता लक्ष्मी, माँ सरस्वती, अग्रसेन जी महाराज, भगवान लक्ष्मीनारायण, राधाकृष्ण, सीताराम व हनुमान जी, गिरिराज जी यहाँ विराजमान हैं।

 

Kaila Devi

 चारों ओर वृक्ष और बगीचे मंदिर परिसर की शोभा को द्विगुणित करते हैं 

 

Garden1

 

 
यहाँ यात्रियों व साधू-संतों की सुविधा एवं विश्राम हेतु कमरे, हॉल (प्रवचन), रसोई घर इत्यादि बने हुए हैं । यहाँ का वातावरण शांत, सुन्दर व मनोहारी है। 
 
चैत्र नवरात्र में एक भव्य आयोजन किया जाता है जिसमे रामकथा, भागवत कथा, देवी भागवत, कवि सम्मलेन, नानी बाई का मायरा, रासलीला, देवी जागरण, संतों द्वारा प्रवचन और नृत्य नाटिका जैसे आयोजन किये जाते है।
 
यहाँ नवरात्रि व विशेष अवसरों पर लक्षचंडी, शतचंडी, दुर्गा सप्तशती व शांति पाठ का यज्ञशाला में समय-समय पर आयोजन होता रहता है ।

 

 
यहाँ सदैव विभिन्न कार्यक्रम जैसे शिवरात्रि पर रुद्राक्ष एवं खिचड़ी का वितरण, कावड़ यात्रा  का आयोजन होता रहता है। ।।